विक्रमशिला सेतु पर आवागमन सुचारू होने तक नहीं लगेगा कोई शुल्क : मुख्यमंत्री

30 नवंबर से पहले पूरा होगा विक्रमशिला सेतु का पुनर्स्थापन कार्य, 203 करोड़ की 84 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

भागलपुर |

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह सामान्य होने तक निजी दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मत कार्य में तेजी लाते हुए 30 नवंबर 2026 से पहले कार्य पूरा कर उद्घाटन सुनिश्चित किया जाए।

रविवार को भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में आयोजित विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों एवं विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं बेहतर व्यवस्थाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, यातायात प्रबंधन, शौचालय, चेंजिंग रूम एवं भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कांवरिया पथ पर जर्जर बिजली तारों को मेला शुरू होने से पहले बदलने, बंद पड़े चापाकलों को 15 जून तक चालू कराने तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में भागलपुर, मुंगेर और बांका के जिलाधिकारियों ने श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान स्विस कॉटेज, म्यूजिकल फाउंटेन, नए गेस्ट हाउस, पोखर सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न नवाचारों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई।

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित भागलपुर गंगा पथ एवं मुंगेर गंगा पथ परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र गंगा डॉल्फिन का महत्वपूर्ण आवास क्षेत्र है, इसलिए पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए तथा सभी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।

विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिहार की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत का प्रतीक रहा है और इसे पुनर्जीवित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा 15 जून से पहले भारत सरकार को आवश्यक प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला सेतु के मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करते हुए कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने समाहरणालय परिसर से भागलपुर जिले में 203 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई एवं प्रस्तावित 84 विकास योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 69 योजनाओं का उद्घाटन तथा 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

बैठक में पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, सांसद अजय कुमार मंडल, सांसद गिरधारी यादव, विधायक शुभानंद मुकेश सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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