विश्व जनसंख्या दिवस पर कहलगांव में ‘शक्ति संवाद’ अभियान, 84 विद्यालयों में एक साथ हुए कार्यक्रम

रवि भूषण | भागलपुर

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर अनुमंडल कहलगांव द्वारा बालिकाओं के समग्र विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण के उद्देश्य से ‘शक्ति संवाद’ अभियान का भव्य आयोजन किया गया। संवाद आधारित इस विशेष अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को जागरूक, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाना है।

अभियान के तहत अनुमंडल क्षेत्र के सभी 84 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रत्येक विद्यालय में महिला पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास, आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा बाल विवाह उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की उप निदेशक (आयकर), भागलपुर सुश्री सुनीता शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता ही महिलाओं की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, बड़े सपने देखने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अग्रदूत बनने का आह्वान किया।

अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव ने कहा कि ‘शक्ति संवाद’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य के निर्माण का जन-अभियान है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान 5,000 से अधिक छात्राओं का हीमोग्लोबिन (Hb) परीक्षण किया गया, जबकि 8,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ लेने के साथ आयरन (IFA) की गोलियों का सेवन किया। उन्होंने इसे स्वस्थ एवं सशक्त बिहार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

बाल विवाह उन्मूलन को प्रभावी बनाने के लिए अनुमंडल प्रशासन ने प्रत्येक प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के नेतृत्व में समन्वित टीम का गठन किया है। इस टीम में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO), प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (BWO), महिला पर्यवेक्षिकाएँ, बाल संरक्षण पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को शामिल किया गया है। सभी अधिकारियों को मानक कार्य प्रणाली (SOP) भी उपलब्ध कराई गई है।

इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय में बाल विवाह निषेध शिक्षक एवं सहायक शिक्षक नामित किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने के साथ-साथ संदिग्ध मामलों की सूचना प्रशासन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विद्यालय और पंचायत स्तर पर भी विशेष टीमों का गठन किया गया है, ताकि जनभागीदारी के माध्यम से इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं एवं उपस्थित नागरिकों ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली और अपने परिवार, समाज तथा पंचायत में इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने का संकल्प दोहराया। छात्राओं ने नाटक, गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण का प्रभावशाली संदेश भी दिया।

समापन अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि ऐसा समाज बनाना है जहाँ हर बेटी शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बने तथा उसे अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर प्राप्त हों।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस जन-अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा—

“जब एक बेटी सशक्त होती है, तब एक परिवार, एक समाज और एक राष्ट्र सशक्त होता है।”

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