सखी वार्ता में बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं वित्तीय साक्षरता पर बालिकाओं को किया गया जागरूक

सखी वार्ता में बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं वित्तीय साक्षरता पर बालिकाओं को किया गया जागरूक
भागलपुर। महिला एवं बाल विकास निगम, भागलपुर के तत्वावधान में उर्दू कन्या मध्य विद्यालय, बरहापुरा, भागलपुर में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, दहेज प्रथा के उन्मूलन एवं वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूक कर उन्हें सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बाल विवाह के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वुमेन (DHEW), भागलपुर के जेंडर स्पेशलिस्ट विवेक कुमार ने बालिकाओं को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह का बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और भविष्य के अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने बालिकाओं से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ स्वयं जागरूक होने तथा अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता फैलाने की अपील की।
दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता
दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए विवेक कुमार ने कहा कि दहेज के कारण परिवारों पर आर्थिक एवं सामाजिक दबाव बढ़ता है। साथ ही महिलाओं के सम्मान और समानता पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने बालिकाओं को दहेज प्रथा का विरोध करने तथा शिक्षा और आत्मनिर्भरता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने के लिए प्रेरित किया।
वित्तीय साक्षरता से आत्मनिर्भर बनने का संदेश
वहीं, फाइनेंशियल लिट्रेसी स्पेशलिस्ट अभिषेक सुमन ने बालिकाओं को वित्तीय साक्षरता के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बचत, बैंकिंग सेवाओं, बैंक खाते, डिजिटल वित्तीय लेन-देन एवं धन प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
उन्होंने छात्राओं को छोटी उम्र से ही बचत की आदत विकसित करने तथा आर्थिक रूप से जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
सुरक्षा एवं कानूनी सहायता की दी जानकारी
वन स्टॉप सेंटर, भागलपुर की केंद्र प्रशासक मोना कुमारी ने बालिकाओं को महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, कानूनी सहायता एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में संबंधित सहायता सेवाओं का उपयोग करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया।
बालिकाओं ने लिया बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ संकल्प
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के साथ संवाद करते हुए बाल विवाह और दहेज प्रथा को समाप्त करने में बालिकाओं की भूमिका पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित, जागरूक और आर्थिक रूप से सशक्त बालिकाएं ही सामाजिक बदलाव की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने तथा समाज को जागरूक करने की शपथ ली। सभी ने बाल विवाह मुक्त एवं दहेज मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक नीलेंद्र कापरी के साथ शिक्षिका कुमारी चित्रांगदा, विभा कुमारी, गुंजन कुमारी, अतिया नाज़, मोहम्मद मोख्तार आलम, निशा कुमारी, सपना कुमारी, गौहर जहां, बीबी फाकरा अंगुरी एवं फरजाना खातून की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, वित्तीय जागरूकता और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
#Bhagalpur #SakhiVarta #ChildMarriageFreeIndia #DahejPratha #FinancialLiteracy #WomenEmpowerment #BiharNews #BharatVartaNews

📢 भारत वार्ता न्यूज़ WhatsApp चैनल से जुड़ें

ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार-झारखंड की बड़ी खबरें और महत्वपूर्ण अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel Join करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

```